Original text by Jagadguru Sri Adi Sankaracharya · Music & commentary by Hari Kavi (B Harikrishna)
श्लोक 30 - देवनागरी
प्राणायामं प्रत्याहारं
नित्यानित्यविवेकविचारम्।
जाप्यसमेतसमाधिविधानं
कुर्ववधानं महदवधानम्॥ ३०॥
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