Original text by Jagadguru Sri Adi Sankaracharya · Music & commentary by Hari Kavi (B Harikrishna)
श्लोक 1 - देवनागरी
भज गोविन्दं भज गोविन्दं
गोविन्दं भज मूढमते।
सम्प्राप्ते सन्निहिते काले
न हि न हि रक्षति डुकृञ्करणे॥ १॥
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