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शिरडी साई बाबा – जीवन, शिक्षाएँ, साई सच्चरित्र & ShikshakDP से संगीत श्रद्धांजलि
12 नवंबर 2025
•Shikshak Content Board
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अनुभाग 3 / 9
शिर्डी का जीवन और प्रमुख घटनाएँ
🔥 शिर्डी का जीवन और प्रमुख घटनाएँ
साईं बाबा का जीवन सरल था परंतु उसमें दिव्यता झलकती थी।
उनके अनेक लीला-प्रसंग श्री साई सच्चरित्र में विस्तार से वर्णित हैं।
कुछ प्रमुख घटनाएँ:
• धूनी (पवित्र अग्नि): द्वारकामाई में उन्होंने निरंतर धूनी जलाए रखी। उस धूनी की उदी (भस्म) को भक्त आज भी पवित्र और औषधि समान मानते हैं।
• साधारण जीवन: वे कफनी और टोपी पहनते, भिक्षा मांगकर खाते और जो मिलता उसे दूसरों में बाँट देते। धर्म या जाति का कोई भेदभाव नहीं था।
• मार्गदर्शन: उन्होंने भक्तों को कभी उपदेशों से, कभी मौन रहकर, तो कभी अद्भुत घटनाओं के माध्यम से मार्ग दिखाया।
• 1886 की घटना: एक बार उन्हें तीव्र अस्थमा हुआ और तीन दिन तक वे मृतवत् रहे, फिर पुनः जीवित हो उठे — यह घटना सच्चरित्र में वर्णित है।
• महासमाधि: 15 अक्टूबर 1918 (विजयादशमी) को उन्होंने शरीर त्याग किया। उनकी समाधि आज शिर्डी के बुट्टीवाड़ा मंदिर में स्थित है, जो विश्वभर में प्रसिद्ध है।
